Sunday, April 8, 2012

माँ तुझे सलाम!

माँ तुझे सलाम!

"चालीस साल पहले-
जब हमारी नन्ही उम्र मे-
आपसे हमारा साथ छूटा,
पता नहीं लगा कि..
ज़िन्दगी मे सब-कुछ छुट गया!

पता इस लिए नहीं लगा क्यों कि -
हमारे पास पूज्य पापा थे!
और-
आज जब आपकी पुण्य-तिथि पे-
पहुंचा हूँ आपकी बहू और नाती-नातिन को लेकर-
आपकी समाधी पे............
लगा कि जैसे वक़्त ठहर गया है..

आज आपसे कहना चाहता हूँ
कि आपके "शानू-आशीष" अब बड़े हो गए है!
और आपके "ईशु-ईशा-यश" आपके ही आँगन मे खेलते है!
और-
आपका द्वारा  बसाया हुआ आँगन-
आज  बागबान है......."

माँ तुझे सलाम!
माँ तुझे सलाम!  
   

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