जब आपने हाँथ छोड़ा था-
मै थोडा घबराया था कि .....
बिन पापा कैसे चलूँगा ...
ज़िन्दगी के लम्बे फासले???
कैसे लूँगा फैसले ?
और ....
कैसे कटेगी ज़िन्दगी बिन पापा के?
पर आपके होसले ने-
आपके सिखाए हुए पाठों ने-
आपकी बातों ने-
और आपके पित्रतत्व की छावं से -
पार कर आया हूँ ......
वह सारे धूल -धूसरित जीवन के आपा -धापी के पहाड़
और ......
आज आपसे कह सकता हूँ कि ....
पापा !मेरे प्यारे पापा!
आपका शानू और उसका परिवार-
आपके आशीर्वाद और स्नेह से-
सुख -समृधि की और अग्रसर है!
आपके नाती-और नातिन आज भी तलाशते हैं-
अपने दादाजी को-
उन दीवारों में ....
जहाँ आज आप फोटो फ्रेम में याद बन के टंगे हुए हो!
पूंछते हैं अनगिनित प्रश्न -आपके बारे में?
तलाशते है आपके प्यार-स्नेह को ....
हाथ फेरते है -आपके कपड़ों पे ....
और मजबूर करते है हमें -
आपके बारे में कुछ -
कहानियां सुनाने को!
दादा जी कैसे थे?
मम्मी अपने देखा है हमारे दादाजी को ?
आज होते तो हमे घुमाने ले जाते न ?
हमे बहुत प्यार करते न ?
कुछ ऐसे प्रश्न है -जिनका जवाब हमेशा एक ही होता है!
मालूम है पापा!
बहुत से लोग आपके नाती में आपकी "छबि" तलाशते है ?
कहते है -
ईशु बिलकुल अपने दादा जी पे गया है !
कुछ लोग तो कहते है की-
आप ईशु बन कर फिर अपने शानू के पास आ गए है !
क्यों कि -
आपको पता था और चिंता थी कि -
आपका शानू आपके जाने के बाद -
किसके साथ सोएगा ?
कभी कभी तो ईशु को जब डांटता हूँ तो कोई अनजानी ताक़त रोक देती है मुझे ...
और मुझे लगता है कि ..
काश कोई ऐसी ताक़त होती जो बताती कि .....
आप कहाँ हो ?
किस जहाँ में हो ?
या फिर ....
मेरे बेटे बन ....
मेरे आसमा में हो ???
आपके नाती को भी अहसास है की ...
हम दोनों बाप-बेटे का कोई रिश्ता है जो अजीब है ....
तभी जब हम दोनों प्यार करते है तो ...
बरबस मुख से निकल पड़ता है कि -
हम दोनों का जन्म जन्म का रिश्ता है -
पिछले जन्म में तुम मेरे पापा थे ....
और इस जन्म में -मै तुम्हारा पापा
पर ....
चिंता मत करो ...
अगले जनम में हिसाब बराबर कर लेना ....
जब फिर तुम दुबारा मेरे पापा बनोगे???
इन जन्मों के फेर को कोन समझाएगा पापाजी ?
काश आप होते और ....
कंधे पे हाथ रख ...
इस सत्य का भी पर्दाफाश कर देते!
काश आप होते....
काश आप होते .....

