कहानी तीन बेस्ट दोस्तों की
ज्ञान , धन
और
विश्वास
तीनों बहुत अच्छे दोस्त
भी थे
तीनों में बहुत प्यार
भी था
एक वक़्त आया
जब
तीनों को
जुदा होना पड़ा
तीनों ने एक दुसरे से
सवाल किया
कि
हम कहाँ मिलेंगे
ज्ञान ने कहा
मैं
मंदिर , मस्जिद , विद्यालय
मैं
मिलूँगा
धन ने कहा
मैं
अमीरों के पास मिलूँगा
विश्वास
चुप था
दोनों ने चुप होने की
वजह पुछी
तो
विश्वास ने
रोते हुवे कहा
मैं
एक बार चला ग़या
तो
फिर कभी नही
मिलूँगा...
'बुन्देली धमाका!'(गर्जना स्वाभिमान और आत्मबल की!) BUNDELI DHAMAKA...' समूचे बुंदेलखंड को एक मुखर मंच प्रदान करने का अभिनव प्रयास है 'बुन्देली धमाका' !हर चीज जिसका सम्बन्ध सुख-दुःख से हो अथवा भ्रष्टाचार-शिष्टाचार से हो या विकास-पतन से हो- यह ब्लॉग- महाराजा छत्रसाल की तलवार की भांति अपने उद्देश्य को पूरा करेगा!बुन्देली रिश्तों और उसकी सोच को नई परिभाषाओं मे बदलने का प्रयास करेगा यह मंच!पर्यटन और उसका आर्थिक प्रगति में योगदान सहित राजनीति तथा कूट नीति के असर पे भी हम बात करेंगे!!
Wednesday, October 8, 2014
Trust and the Faith!
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