Friday, March 27, 2015

Bharat Ratna! Atal Behari Vaajpayee!

अटल!
"-तुम अटल अपने निर्णयों के साथ....
अपनी निश्छलता के साथ...
अपनी सादगी के साथ....
अपनी संवेदनाओं के साथ... और
अपने कवित्व के साथ...

भारतीय राजनीति का  ऐसा भीष्म -
जो हमेशा रहा -काल के कपाल से बेखबर...
इक लम्बा सा सफर... बिना हमसफ़र....
हथेलियाँ खुली हुई... निस्वार्थ
भृकटियां तनी हुई... चिंतित देश हेित में...
कुरता सादगी से भरा  हुआ- बेदाग़; बिना कोई रंग, गुलाल, आडम्बर या छुपे सन्देश के...

न कोई आगे... न कोई पीछे...
न कोई सरपरस्ती न कोई सिपहसालार...
बस...
हिरदयांगम हिंदुस्तान के प्रति निश्छल उदगार... "

अटल!
वाकई तुम हो....
हमारे -भारत रत्न के सच्चे हकदार!
अटल!
"तुम्हे अटल सार्थक सच्चा हिन्दुस्तानियत से भरा अटल सलाम! "
(गर्वित गौरव!)

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