Tuesday, February 14, 2012

Happy Valentine Day!

"तुम्हारे कदम जब से मेरी ज़िन्दगी मे आये-
सब-कुछ बदल सा गया! 
एक भटकता हुआ पंछी-
सँवर सा गया! 

यूँ तो सभी किश्ती कभी न कभी किनारे लगती हैं 
पर...
उद्धेलित समुन्दर के  भटके हुए  दिशाविहीन जहाज को.. 
दिशाबोध कराना कोई तुमसे सीखे!

घोंसले को घर का आकार देना..... 
घर की जड़ो को बरगद जैसी नींव देना.... 
नींव मे मन्नतों और आरजूओं का पानी देना...
-और बेतहाशा तेज़ भागती इस दुनिया मे-
 मेरे लिए भगवान् से दुआओं की दुआ करना ....
 कोई तुम्हें देख कर सीखे! 

बस क्या कहूं -
मेरी 'मधु' को कभी किसी की नज़र न लगे!
और लगे भी तो..... 
वो बुरी नज़र असर न करे!"













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