लवकुश नगर का माहौल बदल रहा है!कभी भी हो सकते है हादसे!
केन की रेत का रंग लाल होने लगा है !
लवकुश नगर!विगत एक माह से नगर में माहौल तेज़ी से बदल रहा है।चूँकि लवकुश नगर करोड़ों रुपये की लागत की रेत खदानों को उत्तर प्रदेश पहुँचाने का प्रमुख मार्ग है एवम रेत की नीलामी ने जहाँ एक ओर शासन को रुपयों की बरसात कर दी है वहीँ अपनी पूंजी निकालने व मुनाफे के लिए ठेकेदारों ने असामाजिक तत्वों की ब्रिगेड खडी करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं,ताकि साम दाम दण्ड और भेद से नीलामी से फ़ायदा उठाया जा सके।इस कड़ी में नगर में असामाजिक तत्वों का जमा वाडा होने की आशंका है एवम अवैध असलाहे भी आसानी से मिलने की सुगबुगाहट है।केन की रेत का रंग लाल होने लगा है और इसका खामयाजा समूचे गौरिहार-बारीगड़-सरवई एवम चंदला के नागरिकों को झेलना पड़ रहा है।सोलह चक्के का बड़ा ट्राला और बालू से भरे हुए ट्रकों के नीचे दुर्घटना ग्रस्त होना आम बात हो गई है।साईकिल-मोटर-साईकिल से सुरक्षित सलामत घर वापस आना अब मुश्किल लगने लगा है।अभी हाल में ही चंदला में पिता-पुत्र की दुर्घटना में अपनी आँखों के सामने पिता ने अपने जिगर के टुकड़े को ट्रक से घिसट के प्राण त्यागते देखा।भारी वाहन के लाइसेंस धारी तो छूट जाते है और दे जाते है दर्द ज़िन्दगी भर सिसकने को!लवकुश नगर के नए बस स्टैंड के पीछे जटुआ मोहल्ला में अवैध हथियारों के सौदे होना आम बात बनती जा रही है।नगर पंचायत को चाहिए कि नए लोगों के बसने पे नजर रखे एवम पुलिस शांति समिति की बैठकों में आम जन मानस को उचित माध्यम से सन्देश दे कि असामाजिक तत्वों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जायगा।बिना टैक्सी परमिट के लगभग 50 बोलेरो-स्कार्पिओ व टाटा सूमो वाहन इस नगर में लापरवाही से बुकिंग कर रहें हैं एवम वह दिन दूर नहीं जब प्रशासन हादसा हो जाने के बाद -जाँच का आश्वाशन देगा एवम उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाएगा।गाँधी चबूतरे के पास अथवा महोबा रोड पर ऐसे वाहन देखना आम बात है और पुलिस को चाहिए कि ऐसे वाहनों को आम सड़क पे खड़ा न होने दे एवम सम्झायेश दे कि बिना टैक्सी परमिट के किराये पे वाहन चलाना अपराध है।आम जनता ने मांग की है कि भारी वाहनों की "नो -एंट्री " का समय रात्रि साढ़े-दस बजे तक किया जाये क्यों कि शादियो का समय शुरू हो रहा है एवम अधिकतर मैरिज हाउस मुख्य मार्ग पे स्थित हैं व रात्रि में दुर्घटना का अंदेशा हमेशा अधिक रहता है।
केन की रेत का रंग लाल होने लगा है !
लवकुश नगर!विगत एक माह से नगर में माहौल तेज़ी से बदल रहा है।चूँकि लवकुश नगर करोड़ों रुपये की लागत की रेत खदानों को उत्तर प्रदेश पहुँचाने का प्रमुख मार्ग है एवम रेत की नीलामी ने जहाँ एक ओर शासन को रुपयों की बरसात कर दी है वहीँ अपनी पूंजी निकालने व मुनाफे के लिए ठेकेदारों ने असामाजिक तत्वों की ब्रिगेड खडी करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं,ताकि साम दाम दण्ड और भेद से नीलामी से फ़ायदा उठाया जा सके।इस कड़ी में नगर में असामाजिक तत्वों का जमा वाडा होने की आशंका है एवम अवैध असलाहे भी आसानी से मिलने की सुगबुगाहट है।केन की रेत का रंग लाल होने लगा है और इसका खामयाजा समूचे गौरिहार-बारीगड़-सरवई एवम चंदला के नागरिकों को झेलना पड़ रहा है।सोलह चक्के का बड़ा ट्राला और बालू से भरे हुए ट्रकों के नीचे दुर्घटना ग्रस्त होना आम बात हो गई है।साईकिल-मोटर-साईकिल से सुरक्षित सलामत घर वापस आना अब मुश्किल लगने लगा है।अभी हाल में ही चंदला में पिता-पुत्र की दुर्घटना में अपनी आँखों के सामने पिता ने अपने जिगर के टुकड़े को ट्रक से घिसट के प्राण त्यागते देखा।भारी वाहन के लाइसेंस धारी तो छूट जाते है और दे जाते है दर्द ज़िन्दगी भर सिसकने को!लवकुश नगर के नए बस स्टैंड के पीछे जटुआ मोहल्ला में अवैध हथियारों के सौदे होना आम बात बनती जा रही है।नगर पंचायत को चाहिए कि नए लोगों के बसने पे नजर रखे एवम पुलिस शांति समिति की बैठकों में आम जन मानस को उचित माध्यम से सन्देश दे कि असामाजिक तत्वों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जायगा।बिना टैक्सी परमिट के लगभग 50 बोलेरो-स्कार्पिओ व टाटा सूमो वाहन इस नगर में लापरवाही से बुकिंग कर रहें हैं एवम वह दिन दूर नहीं जब प्रशासन हादसा हो जाने के बाद -जाँच का आश्वाशन देगा एवम उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाएगा।गाँधी चबूतरे के पास अथवा महोबा रोड पर ऐसे वाहन देखना आम बात है और पुलिस को चाहिए कि ऐसे वाहनों को आम सड़क पे खड़ा न होने दे एवम सम्झायेश दे कि बिना टैक्सी परमिट के किराये पे वाहन चलाना अपराध है।आम जनता ने मांग की है कि भारी वाहनों की "नो -एंट्री " का समय रात्रि साढ़े-दस बजे तक किया जाये क्यों कि शादियो का समय शुरू हो रहा है एवम अधिकतर मैरिज हाउस मुख्य मार्ग पे स्थित हैं व रात्रि में दुर्घटना का अंदेशा हमेशा अधिक रहता है।
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