Wednesday, October 23, 2013

ठोकर!

"ठोकर खा के अब समझ में आया 
वो सही थे जिन्होंने कहा था -
मत लिख मोहब्बत की दास्ताँ 
देखना 
एक दिन ये अधूरी रहेगी। "
और मुँह चिढ़ा कर 
तुझ से कहेगी -
मजा आया ?
"

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