Monday, April 3, 2017

लवकुशनगर की डायरी!लवकुशनगर में बोरिंग माफिया सक्रीय !

"बोरिंग दलालों की पौ बारह और लवकुशनगर का घटता जल स्तर !"
कलेक्टर महोदय की दखल की दरकार !
नगर में गरमीं सर चढ़ कर बोल रही है !चारों तरफ बिन हरियाली से नंगे पहाड़ों वाला यह नगर दिन भर सूरज की कृपा और कोप से ४४ डिग्री पर तपता है और सांझ ढलते ही यह ४४ डिग्री के गरम पहाड़ अपनी भाप निकाल कर ठन्डे होते हैं और यह बिचारा नगर कूलर और पंखों के सहारे सोता है !
लगभग २५००० हज़ार की
आबादी वाले लवकुशनगर में कुलमिलाकर १५ घरों में ही ऐ.सी. या एयर कंडीशन सिस्टम मौजूद है ! शेष जनता आज भी खस और घांस से भीगे हुए कूलरों या पंखों और छतों पर सो कर ज़िन्दगी और उसकी गर्मी गुज़ार रहे हैं या गुलज़ार और आबाद कर रहे हैं !
सर्राफ सागर और बड़े तालाब के बचे खुचे पानी ने
फिलहाल नगर का पर्यावरण एवम परिस्तिथिकी सम्भाली  हुई हैं !
ऐसे परिस्तिथियों सरेआम बोरिंग करने वाले ठेकेदार नगर में अपने दस चका बोरिंग मशीन और ट्रैक्टर मशीन के सहारे ज़मीन को रौंद और खोद कर भूजल स्तर नीचा कर रहे हैं और प्रशासन शांत है !
जिस प्रकार जिले के बकस्वाहा विकासखण्ड को माननीय कलेक्टर महोदय ने जल अभावग्रस्त घोषित कर के बोरिंग पर रोक लगा दी है वैसे ही प्रशासन से लवकुशनगर में भी बोरिंग पर रोक लगाने की अपेक्षा है !

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