Thursday, April 27, 2017

एक दिन ;सबको ... यूँ ही चले जाना है !

एक दिन ;सबको ...
यूँ ही चले जाना है !

ये पानी का बुलबुला ...
झट से फूट जाना है !

चार हाथों को ..
धीरे से उठाना है और ...
मिट्टी के मानुस को ...
मिट्टी में फूंक आना है !

मत इतरा ..
अपनी दौलत पे ;
सब यहीं पड़ा रह जाना है !

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