"डर केजरीवाल को भी लगा होगा?
नींद केजरीवाल कि भी उडी होगी?
सपने केजरीवाल के भी टूटे होंगे?
एक बार अपने बच्चों-बीवी को केजरीवाल ने भी देखा होगा ?
और सोचा होगा -
कहीं मैं गलत तो नहीं कर रहा हूँ ?
कहीं मैं -सब कुछ खो तो नहीं दूंगा कि मेरे बच्चे संघर्ष करें ?
क्यों कि -
लड़ाई -
भारत की एक बड़ी राजनैतिक पार्टी के नेतृत्व से थी !
पर.…
केजरीवाल को याद आया होगा -
महाभारत में अर्जुन का बेटा -अभिमन्यु!
जो-
ऐसे ही लोगों के बीच चक्रव्यूह में फंस गया था!
और -
मारा गया था।
लेकिन-
केजरीवाल को भरोसा था-
अपनी सोच पे।
अपने सपनों पे।
अपने पंखों पे।
और-
अपने अपनों पे।
और उस सीधे-साधे से सनकी टाइप के अक्खड़ इंसान ने -
बिना जीन्स-टी -शर्ट पहने-
बिना अपनी शर्ट को पैंट के अंदर खोंसे -
बिना महंगे मोबाइल से बात किये-
उखाड़ फैंक दी-
उस शीला की सरकार को जिसने -
सपने में भी नहीं सोचा था-
नियति की इस करवट को।
और केजरीवाल बन बैठे आदर्श उन युवा स्वप्नों के-
जो टाटा-अंबानी -बिरला नहीं है पर,
उनके पँखों -परवाज में उड़ने कि चाहत है।
और अपने स्वप्नों को साकार करने की जिजीविषा है।
एक आम आदमी ने दिखा दिया कि -
ज़िन्दगी में कुछ भी असम्भव नहीं है।
बस-
कुछ कर गुजरने की भूख होनी चाहिए।"
केजरीवाल ने दिखा दिया कि वह -
अभिमन्यु नहीं हैं जो जो चक्रव्यूह को भेद नहीं पाएँगे बल्कि वे
साबित करेंगे कि वे -
महाभारत के सुपात्र -अर्जुन है !"
केजरीवाल -अर्जुन हैं -अभिमन्यु नहीं !
नींद केजरीवाल कि भी उडी होगी?
सपने केजरीवाल के भी टूटे होंगे?
एक बार अपने बच्चों-बीवी को केजरीवाल ने भी देखा होगा ?
और सोचा होगा -
कहीं मैं गलत तो नहीं कर रहा हूँ ?
कहीं मैं -सब कुछ खो तो नहीं दूंगा कि मेरे बच्चे संघर्ष करें ?
क्यों कि -
लड़ाई -
भारत की एक बड़ी राजनैतिक पार्टी के नेतृत्व से थी !
पर.…
केजरीवाल को याद आया होगा -
महाभारत में अर्जुन का बेटा -अभिमन्यु!
जो-
ऐसे ही लोगों के बीच चक्रव्यूह में फंस गया था!
और -
मारा गया था।
लेकिन-
केजरीवाल को भरोसा था-
अपनी सोच पे।
अपने सपनों पे।
अपने पंखों पे।
और-
अपने अपनों पे।
और उस सीधे-साधे से सनकी टाइप के अक्खड़ इंसान ने -
बिना जीन्स-टी -शर्ट पहने-
बिना अपनी शर्ट को पैंट के अंदर खोंसे -
बिना महंगे मोबाइल से बात किये-
उखाड़ फैंक दी-
उस शीला की सरकार को जिसने -
सपने में भी नहीं सोचा था-
नियति की इस करवट को।
और केजरीवाल बन बैठे आदर्श उन युवा स्वप्नों के-
जो टाटा-अंबानी -बिरला नहीं है पर,
उनके पँखों -परवाज में उड़ने कि चाहत है।
और अपने स्वप्नों को साकार करने की जिजीविषा है।
एक आम आदमी ने दिखा दिया कि -
ज़िन्दगी में कुछ भी असम्भव नहीं है।
बस-
कुछ कर गुजरने की भूख होनी चाहिए।"
केजरीवाल ने दिखा दिया कि वह -
अभिमन्यु नहीं हैं जो जो चक्रव्यूह को भेद नहीं पाएँगे बल्कि वे
साबित करेंगे कि वे -
महाभारत के सुपात्र -अर्जुन है !"
केजरीवाल -अर्जुन हैं -अभिमन्यु नहीं !
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