Monday, December 22, 2014

बदलता शहर!

कुछ अजीब सा माहौल हो चला है,
मेरा शहर अब बदल चला है....

ढूंढता हु उन परिंदों को,
जो बैठते थे कभी छज्ज़ो पर मेरे,
शोर शराबे से आशियाँना अब उनका भी उजड़ चला है,
मेरा शहर अब बदल चला है.....

होती थी इमाम बाडे से
कभी तांगे की सवारी,
मंज़िल तो वही है
मुसाफिर अब आई बस में
चढ़ चला है
मेरा शहर अब बदल चला है...

भुट्टे, कबीट, ककड़ी, इमली
खाते थे कभी हम स्कूल कॉलेजो के प्रांगण में,
अब तो बस मैकडोनाल्ड, पिज़्जाहट और
कैफ़े कॉफ़ी डे का दौर चला है
मेरा शहर अब बदल चला है....

वो स्टारलिट, बेम्बिनो,
एलोरा के दीवाने थे आप हम,
अब आइनॉक्स, बिग सिनेमा,
और पीवीआर का शोर चला है
मेरा शहर अब बदल चला हैै....

कभी कभी रुक कर
किसी चौराहे पर बतिया
लेते थे दो दोस्त घंटो,
अब तो बस शादी, पार्टी या
उठावने पर मिलने का ही दौर
चला है
मेरा शहर अब बदल चला है....

वो टेलीफोन का काला चोगा उठाकर खेर खबर
पूछ लेते थे,
अब तो स्मार्टफोन से फेसबुक, व्हाटसऐप और
ट्वीटर का रोग चला है
मेरा शहर अब बदल चला है.....

वो नेहरूपार्क और
शिवाजी वाटिका में
सेव परमल का जायका,
अब तो सेन्डविच, पिज़्ज़ा, बर्गर और पॉपकॉर्न की और चला है
मेरा शहर अब बदल चला है....

वो साइकिल पर बैठकर
दूर की डबल सवारी,
कभी होती उसकी, कभी
हमारी बारी,
अब तो बस फर्राटेदार
बाइक का फैशन चला है
मेरा शहर अब बदल चला है....

जाते थे कभी ट्यूशन
पढ़ने माट साब के वहाँ,
बैठ जाते थे फटी दरी पर भी
पाँव पसार,
अब तो बस कोचिंग क्लासेस
का धंधा चल पड़ा है,
मेरा शहर अब बदल चला है.....

खों-खों, सितोलिया, क्रिकेट, गुल्लिडंडा, डिब्बाडाउन
खेलते थे गलियो और
मोहल्लों में कभी,
अब तो न वो गलियाँ रही
न मोहल्ले न वो खेल,
सिर्फ और सिर्फ कंप्यूटर गेम्स का दौर चला है,
मेरा शहर अब बदल चला हैं.....

सुनते थे खालिस संगीत
कभी कभी सांघी के मुक्त आकाश तले रात भर,
अब तो पब, और डीजे का रोग   चला है,
मेरा शहर अब बदल चला है....

कॉलेज की लड़कियो से
आँख मिलाना तो दूर,
बात करना भी एक कला थी
अब तो हाय ड्यूड, हाय बेब्स का रिवाज़ चल पड़ा है
मेरा शहर अब बदल चला है....

साइकिल घर में एकाद ही
होती थी और था
बाबुजी के पास स्कूटर,
अब तो हर घर में कारो और बाइक का काफिला चला हैै
मेरा शहर अब बदल चला है....

खाते थे फ़क्त समोसे,
कचोरी, जलेबी, गराडू,
मालपुए सराफे में,
अब वहाँ भी चाउमिन, नुडल्स, मन्चूरियन का स्वाद चला हैं
मेरा शहर अब बदल चला है....

सहेज लो पुरानी यादो
को धरोहर की तरह मुट्ठी में यारो
कि मेरा शहर अब बदल चला हैैं....

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