Friday, July 24, 2015

कंप्यूटर सी ज़िन्दगी और प्यार!

ख्वाब अब जी रहे हैं - अपना निर्वासित जीवन.. उस ज़िन्दगी के समुन्दर किनारे....
जहाँ लहरें छोड़ गयी हैं,  अपना तमाम खारापन.... किनारों पर चट्टानों के लिए....
यादों  के बतौर!

आह! कितना मुश्किल  होता है...
अंतर्मन की "Hard Drive" से दिल,प्रेम और कसमों वादों की Basic Programming को Delete करना!

उन्हें क्या बताएं की... जब..
DNA में -
"वफ़ा और मोहब्बत" रचीबसी है-RAM में....
तो फिर...
system तो crash होगा ही न...
ज़िन्दगी के कम्प्यूटर का?

ऐसा  नहीं है की -
ज़िन्दगी के कंप्यूटर को -Refresh करने से... या
Reinstall करने से...
सबकुछ सही हो जाता है!

"Heart Drive" से कुछ नहीं मिटता... और
यदाकदा...
रात भारी होने पे..
बारिश होने से परदे उड़ने पर...
देवानंद और राजेश खन्ना के पुराने गाने सुनने पर... या... फिर
पुरानी डायरियों के पन्नों की धूल के प्रदुषण से...
ज़िन्दगी का system...
Hang कर Reviews दिखाने लगता है!

अब कोई कैसे समझाए इन विदेशी कंपनियों को की....
क्या होता है -
Indian Typical Love!

Lenovo, Samsung और  Compaq को भी -
"Indian Love Standards" को समझना होगा.... जहाँ
ज़िन्दगी की Hard Drive से "पहले प्यार" को कोई Delete नहीं कर सकता!

सच्ची...
उन्होंने बहुत कुछ खोया..
जिन्होंने अपनी रातों की नींद नहीं खोई...
मंदिरों की चौखट पर  प्यार की मन्नत नहीं मांगी.....या
घबराहट में खाना नहीं छोड़ा और..
किसी के साथ...
"साथ-साथ" रंगीन ख्वाब नहीं बुने!

समुन्दर की उथली चट्टानों में...
बहती नदी के पानी में...
बनते बिगड़ते इन्द्रधनुष में...
गुलाब.. गुलमोहर.. और अबीर गुलाल में...
चारों तरफ प्यार है...
बस...
कुछ ही ऐसे खुशनसीब होते है...
जिन्हें मिलता है...
यह ज़िन्दगी का खारापन अपनी कसैले फलसफे के साथ... उम्र भर के लिए!
(गौरव-गर्वित!)

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