Saturday, September 2, 2017

Although I am Slow but at least I am Running!

कश्तियाँ खेते रहो ..
किनारे मिल ही जाएंगे !

मोहबत्तें करते रहो ..
निभाने वाले मिल ही जाएंगे !

सच के साथ चलते रहो ..
झूंठे फिसल ही जाएंगे !

अंधेरों को नकारते रहो ..
उजाले मिल ही जाएंगे !

दर्द सहते रहो ..
हमदर्द मिल ही जाएंगे !

और ..
ख्वाब संजोते रहो ..
एक दिन सच हो ही जाएंगे !

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