कुछ बुझे हुए दिए !
कुछ सुलगते जख्म !
कुछ रिसते घाव !
कुछ टीस और बेकाबू दर्द के अनुभव !
और
कुछ नासमझ बेवकूफियां ..
ही याद आती हैं ;
उम्र के इस पड़ाव पे ..
१४ फरवरी -
वेलेंटाइन डे -के दिन !
कुछ राख के ढेर !
कुछ उजड़े स्वप्न !
कुछ अमावस के चाँद !
कुछ डूबते सूरज !
कुछ भंवर में फंसी नावें और ..
अनगिनित नादानियाँ !
ही ..याद आती हैं ;
उम्र के इस पड़ाव पे ..
१४ फरवरी -
वेलेंटाइन डे -के दिन !
सैकड़ों सच्चे कसमें वादे !
सैकड़ों झूंठे हाँ और न !
एक तबाह कॅरियर !
बदनाम तोहमतें !
माँ पापा के ..
स्वप्नों को तोड़ने वाली अपराधी अंतरात्मा !
और ...
शर्म जिल्लत कुंठा के चंद तबाह बरस ..
ही याद आते हैं ;
उम्र के इस पड़ाव पे ..
१४ फरवरी -
वेलेंटाइन डे -के दिन !
आर्चिज गैलरी के ग्रीटिंग कार्ड्स !
चिट्ठी के इन्तिज़ार में पोस्टमेन से व्यवहार बनाना !
शीशे में खुद के अक्स !
संतोषी माँ और सोमवार के व्रत !
दूरदर्शन के चित्रहार में रेखा अमिताभ या विनोद मेहरा के फ़िल्मी गानों की यादें !
और
गुज़रे वक़्त की अनगिनित गुज़री यादें ..
ही याद आती हैं ;
उम्र के इस पड़ाव पे ..
१४ फरवरी -
वेलेंटाइन डे -के दिन !
एक समझौता !
समझदारी और परिपक्वता !
संस्कार !
जीवन मूल्य !
अमर प्रेम !
किस्मत !
और ईश्वर की मर्ज़ी ..
ही याद आते हैं ;
उम्र के इस पड़ाव पे ..
१४ फरवरी -
वेलेंटाइन डे -के दिन !
बड़े होते बच्चे !
उनकी वही अदाएं ..
जो कभी मेरी थी !
मैं ; एक चिंतित पिता !
और उमड़ते घुमड़ते उम्र के ..
काले घने बादल !
मेरा उम्र के साथ ..परवान चढ़ता ..
शक का चश्मा !
ही याद आते हैं ;
उम्र के इस पड़ाव पे ..
१४ फरवरी -
वेलेंटाइन डे -के दिन !
(गौरव !)
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