कैसे मनाऊ विश्व पर्यटन दिवस खजुराहो में ???
"अमीरों ने बसा के आलिशान होटल इस गाँव मे,
किया है मजाक हम गरीबों के साथ l
खाते और खिलाते हैं वी.आइ.पी थाली और,
कहतें है हम गरीबों से कि-
परसो वेटर बन इन थालीओं को और,
'अतिथी- देवो- भव' की विआख्या को चरितार्थ करो l
सच मे वेटर बन-
हम सौ-सौ बार मरते और जीते हैंl
ये अमीर हमे देते है दिलासा कि-
शुक्र करो कि हमने तुम्हें नौकरी देकर,
एहसान किया है उन बुन्देल्खंडियो पे,
जो अपने आप को बताते है-
वीर छत्रसाल के वंशज l
काश बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण समझे हमारे दर्द को?
दे दे कोई ऐसी राहत के सौगात जहाँ,
हम लोग भी इज्ज़त से थाली खा सकेंl
वर्ना -
वो दिन दूर नहीं जब
इस महान पर्यटन दिवस पे-
हमारे अतिथी ही हमको दया कर
थाली देंगेl
देखो ऐ बुन्देल्खंडियो तुम ये काम न करो,
अपनी धरा का नाम बदनाम न करो,
लक्ष्मीबाई को समझो-
वीर छत्रसाल को जानो-
अपने पूर्वजो की फितरत को पहचानो?
जीवन नाम है -इज्ज़त का
पूर्वजो का सम्मान करोl
जागो बुंदेलखंड जागो !
जय वीर छत्रसाल !
जय महारानी लक्ष्मी बाई
जय बुंदेलखंड!
जय जय बुंदेलखंड !"
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