"कितनी जल्दी बदल जाता है समय?
कल तक -जी भाईसाब जी भाईसाब की रट लगाने वाले टट्टू
आज समझाते है कि-ज्वार -भाटा क्या होता है?
थोडा सा पैसा क्या कमा लिया
आज सूरज को आइना दिखाने लगे है।
कहते है-भाईसा!हमने पैसा बड़ी मुश्किलों से कमाया और जोड़ा है !
अक्ल लगनी पड़ी है-सो अलग!
वैसे तो हम बेईमान नहीं है और न कभी होंगे?
वो तो बस इन छोटे छोटे बच्चों के खातिर ये सब करना पड़ा?
नेताओं से लड़े,पुलिस से बचे और दलालों से भिड़े तब कहीं जाकर
यह दिन आया है कि -अपनी भी कोठी है!
कहते है कि-चलो कम से कम इतना तो कर ही दिया कि-
आगे आने वालीं पीड़ियाँ ये न कहेंगी कि-
मेरे बाप ने कुछ नहीं किया ......
शुक्र है कि-कितने जिम्मेदार बाप है ये सब .........
काश ऐ खुदा तू मुझे भी इतनी ताक़त देता कि ....
मै भी इतना जिम्मेदार बाप कहला सकता।
काश !काश!काश!"
कल तक -जी भाईसाब जी भाईसाब की रट लगाने वाले टट्टू
आज समझाते है कि-ज्वार -भाटा क्या होता है?
थोडा सा पैसा क्या कमा लिया
आज सूरज को आइना दिखाने लगे है।
कहते है-भाईसा!हमने पैसा बड़ी मुश्किलों से कमाया और जोड़ा है !
अक्ल लगनी पड़ी है-सो अलग!
वैसे तो हम बेईमान नहीं है और न कभी होंगे?
वो तो बस इन छोटे छोटे बच्चों के खातिर ये सब करना पड़ा?
नेताओं से लड़े,पुलिस से बचे और दलालों से भिड़े तब कहीं जाकर
यह दिन आया है कि -अपनी भी कोठी है!
कहते है कि-चलो कम से कम इतना तो कर ही दिया कि-
आगे आने वालीं पीड़ियाँ ये न कहेंगी कि-
मेरे बाप ने कुछ नहीं किया ......
शुक्र है कि-कितने जिम्मेदार बाप है ये सब .........
काश ऐ खुदा तू मुझे भी इतनी ताक़त देता कि ....
मै भी इतना जिम्मेदार बाप कहला सकता।
काश !काश!काश!"

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