Friday, December 23, 2016

अम्मा तुम कहीं नई गईं ; यहीं आसपास हो !

"A day Dedicated to My Mother in law on her Demise Anniversary! "

"अम्मा
तुम यहीं कहीं हो !
हमारे
आस पास हो !

अम्मा वाली अटारी में हो !
पूजा घर में हो !
माईं अम्मा की दुगई में हो !
आँगन के तुलसी घरे में हो !
सच अम्मा ...
तुम आस पास हो !

तुम बबलू की पूजा में हो !
लक्का की सुहागलों में हो !
छुटकू की आवाज़ में हो !
रानू की सीधेपन में हो !
मंझली गुड्डी के समर्पण में हो !
और बड़ी गुड्डी के अपनत्व में हो !
सच अम्मा ...
तुम आस पास हो !

अम्मा !
तुम बाबूजी के
हर दर्द में हो !
हर कौर में हो !
हर कांखने में हो !
हर ख़ुशी में हो और
हर विजय में हो !
सच अम्मा ...
तुम आस पास हो !

पप्पू ,जगदीश और बड़े मुन्ना की यादों में हो तो ..
रिमी,गोलू ईशु-ईशा-यश, प्रभव-चीनू और मनु के बचपन में हो !
चिंटू मोंटी की सफलता में हो  ...
तो शुभी-विमल के उत्कर्ष में हो !
सच अम्मा ...
तुम आस पास हो !

अम्मा मेरी अम्मा !
तुम लक्का के गर्दन के दर्द में हो तो ...
बड़ी गुड्डी के ब्लड प्रेशर में हो तो ...
मंझली गुड्डी की घबराहट में हो तो ...
छुटकू की ठसकी में हो और रानू के सिरदर्द में हो !
सच अम्मा ...
तुम आस पास हो !

अम्मा !
तुम बंधिया ,खेत-खलियानों में हो !
ट्रैक्टर और बबलू की मारुती में हो !
बड़े वाले हाल में हो तो
अन्नपूर्णा माता बन ...
रसोई घर में हो !
सच अम्मा ...
तुम आस पास हो !

अम्मा ! तुम -
हम सभी की परछाईं में हो ! हम सभी के वज़ूद में हो !
पूजा में हो !
आस्था में हो !
अम्मा तुम बाबूजी में हो !
अम्मा तुम हम सब में हो !
सच अम्मा ...
तुम आस पास हो !"

अम्मा !
आपकी याद में -श्रद्धानवत -
सादर वन्दन सहित - (हमसभी ;आपके !)😔😔
🙏🙏🙏🙏🙏
💐💐💐💐💐

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