Saturday, December 31, 2016

२०१७ - तू फिर खड़ा हो गया ?

और .....
तू फिर खड़ा हो गया ...
चुनौती -२०१७ बन ..
मेरे द्वार पर !
ठहर !!
करूँगा हर स्वप्न और लक्ष्य पूरित ;
समय के कपाल पर !
जवाब दूंगा तेरे हर सवाल पर !
चल चलना शुरू करते हैं ;
२०१७ ..
तेरी हर चाल पर !!"

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