Sunday, January 15, 2012

जय जय बुंदेलखंड!

कभी तो वो दिन आयेगा  जब-
हमारा बुंदेलखंड इक प्रदेश होगा,
हमारी इक राजधानी होगी, 
हमारा इक बजट होगा, 
और हमारा इक मुख्यमंत्री भी  होगा!


हमारे नेता वापस अपने घर लौट आयेंगे!
-सत्यव्रत वापस छत्तरपुर की 'टौरिया हाउस' की  शोभा बनेंगे!
-उमाश्री वापस आयेंगी!
-नए चेहरे आगे आयेंगे!
-पुराने चेहरे अपना अनुभव बाटेंगे!


हमारा अपना बिजली उत्पादन सयंत्र होगा !
सीमेंट,लोह-अयस्क,हीरा एवं अन्य खनिज संसाधनों पे हमारा वाजिब हक होगा!
पर्यटन हमारा प्रमुख आय का स्रोत होगा!
रेलवे की पटरिया बुंदेलखंड की भाग्य-रेखा बन जायेंगी!
नदी और जल कि समस्या हम आपस मे सुलझा लेंगे!
शताब्दी ट्रेन एवं इंटर-नेशनल हवाई सेवाएँ रोज-मर्रा कि बात होगी!  


आओ सोचे कुछ नवीन!
कुछ नया और अलग !
कुछ सच्चा और जरूरी! 
कुछ आगे आने वाली अपनी पीड़ियो के लिए !


आओ हकीकत में-
पृथक नए बुंदेलखंड राज्य का स्वप्न को हकीकत में बदलने का प्रयास करें!
आओ आतंकवाद से मुक्त हिन्दुस्तान का इक विकसित राज्य बनाने का प्रयास करें!


जय जय बुंदेलखंड!
जय जय भारत भाग्य विधाता!



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