वफ़ा की क़द्र!
"आँखों के भीतर समाई नमी की क़द्र,
झुकी पलकों मे समाई मौन स्वीकृति की क़द्र,
दिल के भीतर बसी वफ़ा की क़द्र,
शिराओं में दौडती ईमानदार मुहब्बत की क़द्र,
मस्तक पे आती पसीने की बूंदों की क़द्र,
कांपते लबों पे समाई वफाओं की क़द्र,
नाजुक उंगलिओं की कंप-कपाहट की क़द्र,
चेहरे पे आई शर्म की लाली की क़द्र,
बिरले ही महसूस कर समझ पाते है!"
किसी की आँखों को देखना आसान है
पर किसी की आँखों मै अपना प्रतिबिम्ब दिखना बड़ी बात है!
कोई भगवान से पूजा मे आपको मांगे-यह बड़ी बात नहीं है बल्कि
कोई पूजा कर के ईश्वर की आरती आपके माथे पे लगा दे -यह बड़ी बात है!
मुहब्बत पाना मुश्किल नहीं है बल्कि उसे वफादारी से निभाना मुश्किल है!
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