एक आम मतदाता जो साधारण किसान है -उसकी नज़र से मोदी :
मुझे नहीं मालूम
मोदी अच्छे है कि नहीं ?
मोदी सच्चे हैं कि नहीं ?
मैंने नहीं देखा मोदी को !
मैंने नहीं सोचा मोदी को !
मैंने नहीं चाहा मोदी को !
मैंने नहीं थोपा मोदी को!
मैंने नहीं रोपा मोदी को !
मैंने नहीं सौंपा मोदी को !
बस.…
मुझे इतना मालूम है कि -
उपलब्ध समसाम्यक परिस्थितयों में -
बनने वाले उपलब्ध प्रधानमंत्रिओं में -
मोदी !सबसे प्रासंगिक हैं !
मोदी सबसे उपयुक्त हैं !
मोदी -लगता है जीवट वाला है !
मोदी -लगता है हमारा नेता है !
मोदी -लगता है जब भी देश के लिए बोलेंगे तो आवाज़ दमदार होगी और लगेगा कोई देश का राजा बोल रहा है !
मोदी -सटीक ,स्पष्ट ,निर्भीक ,जांबाज़ और थोडा आम नेताओं से हटकर !
मुझे मालूम है और विश्वास है कि -
जब कभी पाकिस्तान पर बोलेंगे तो आवाज़ दमदार होगी !
जब कभी चीन की हरकतों पे आवाज़ उठाएंगे तो आवाज़ में दब्बू पन या डरपोक पन नहीं होगा !
जब कभी अमरीका में बोलेंगे तो लगेगा कि -भारत की ताकत बोल रही है !
जब इतनो को देख लिया -
इतनो को सह लिया -
इतनों को झॆल लिया -
तो फिर -
मोदी क्यों नहीं ?
न कोई प्रेम कहानी ?
न कोई भ्रष्टाचार की कहानी ?
न कोई शकुनी जैसी हंसी ?
न कोई कौरवों जैसा षड्यंत्र ?
और .......
न कोई पंडा न पुजारी ?
न कोई मौलवी न पादरी ?
फिर .......
इस बार -
मोदी क्यों नहीं ?

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