"गर्वोक्तिया " लेकिन है ,कालर उंची करने लायक.!
वर्षो बाद देश को इतनी बड़ी संख्या मे
15 अगस्त की सबेरे टीवी पर प्रधानमंत्री को सुनते
देखा है....
वरना अभी तक तो काफी वर्षो से देश की जनता को
इस दिन सबेरे से छुट्टिया enjoy करते देखा है...
वर्षों बाद एक नेता को माँ गंगा की आरती करते देखा है .....
वरना अब तक एक परिवार की समाधियों पर फूल
चढ़ाते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को अपनी मातृभाषा में बोलते देखा
है,.....
वरना अब तक रटी रटाई अंग्रेजी बोलते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को Statue Of Unity बनाते देखा
है,......
वरना अब तक एक परिवार की मूर्तियां बनाते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को संसद की देहरी चूमते देखा है,.....
वरना अब तक इटैलियन सैंडिल चाटते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को देश के लिए रोते देखा है,....
वरना अब तक "मेरे पति को /पिता को मार दिया" कह
कर वोटो
की भीख मांगते देखा है।
वरषो बाद आज किसी PM को बिना bulletproof कांच के लालकिले की प्राचीर से बिना पढ़े भाषण से दहाड़ते देखा है......वरना काफी वर्षो से तो ना समझ मे आनेवाले मुंह ही मुंह मे बोले जानेवाले नीरस बोरीयत भाषण सुनते देखा है ...
वर्षो बाद अड़ोसी पड़ोसी के साथ देश को dominating अंदाज मे देखा है....वरना आज तक तो इन छुटभैयो को भी जब तब आंखे तरेरते देखा हैे
वर्षो बाद...पाकिस्तान को घबराते देखा है,
वर्षो बाद....अमेरिका को झुकते देखा है।
हांजी
वर्षो बाद देश में आज ऐसा माहौल देखा है..!
इतने
वर्षों बाद भारत माँ को खुलकर मुस्कुराते देखा है।
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