Friday, August 15, 2014

That's like an Indian Prime Minister!

नमो! लल्लन कॉलेज से लाल किला!

"गर्व है की तुम लाल किले की प्राचीर तक पहुंचे.....
उस डोर को खींच -लल्लन कॉलेज से लाल किला तक की दौड़ को सच किया और साबित किया की....
भगवान उनकी मदद करते हैं जो सच्चे होते हैं!

आज जब तुमने लाल किले पर देश को सम्बोधित किया तो ऐसा लगा जैसे -
कोई गली मोहल्ले की परछाईं...
एक हिंदुस्तानी की मन की बात चुरा कर...
लाल किले से बोल रहा हो !

सच!
बदन के रोम जाग उठे तुम्हें सुनते हुए!
आँख में आंसूं निकल आये ;तुम्हें सुनते हुए!
और....
गर्व से सीना चौड़ा हो गया की -मैं भारतीय हूँ!

नमो!
यह पुनर्जागरण का काल है और किसी अध्भुत नछत्रिय खगोलीय घटना से....
तुम्हें रथ की कमान मिली है.... "

हे नमो!
साबित करो की तुम "सब्यसांची "हो और विजयी भव!

No comments:

Post a Comment