Monday, April 18, 2016

आंबेडकर और  आरक्षण

आंबेडकर और  आरक्षण!
काश!
मेरे पूर्वज भी होते -
सदियों से सताए हुए -"दबे कुचले शोषित पीड़ित" और "जुल्म ओ सितम" के शिकार !
तो आज मैं भी उस जुलूस का हिस्सा होता जो...
बाबा साहिब की स्मृति में... निकला!

ढूंढता रहा बहुत -की
दिख जाए रैली में कोई "जनरल कैटिगिरी" का इंसान.. लेकिन मुझे दिखे
कुछ झंडे लिए कई पार्टियों के कार्यकर्ता... जो -
बेरोज़गारी और आरक्षण के बजाए.... दबी जुबां से -
उत्तर प्रदेश और बंगाल के चुनावों की
चर्चा कर रहे थे!

गुजरात जल रहा है.. और हरयाणा भी अभी शांत नहीं है...
आओ आने वाले बीस बरस को -
जनरल केटेगरी को हटा देते हैं...
सारी नौकरियों से ;
और "दबे मैले कुचले"  अपने ही भाइयों को मौका देते हैं -
आरक्षण के माध्यम से ताजपोशी का...
लेकिन फिर -
२१ वे बरस में -
आरक्षण खत्म कर देना-बिलकुल से...
कम से कम..
हम न सही...हमारे नाती पंती तो सुकून से बिन आरक्षण...
जी सकेंगे!

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