Thursday, April 21, 2016

Earth Day!

"प्यार रिश्ते और
मोहबतें...
सब बेमानी...
बिन तेरी..
दो बूँद पानी!

ऐ मालिक!
कर दे रहम
और बरसा दे...
अपनी रहमत...
इस बरसात!

सूखे कंठ से...
स्वीकार करो...
मेरा वंदन मेरा क्रन्दन!"

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