"ज़िन्दगी की दुश्गवारियों या खुशफहमियों ने हम दोनों को जुदा भले कर दिया हो;मगर....
जेहन और रूह में....
साथ बिताये लम्हें....
पल छिन्न....
और साँसों की महक.....
आज भी क़ैद है,
ता उम्र के लिए.... "
कभी यकायक......
जब मन घबराये ; मुझे याद कर लेना!
धड़कन बढ़ जाये ;मुझे याद कर लेना!
ज़िन्दगी की तपिश ओ गर्मी झुलसाए,
अनहोनी की आशंका से जी घबराये,
मुझे याद कर लेना! "
No comments:
Post a Comment