सुप्रभात...मिली एक सीख..
पिता के मरने के बाद
बेटा अपनी माँ को ओल्ड ऐज होम
छोड़ के आया...
कुछ सालो बाद...ओल्ड ऐज होम से
फ़ोन आया...
तुम्हारी माँ मरणासन है जल्दी आ
जाओ !
बेटा माँ से मिलके भावुक हो के
बोला"माँ बता मै क्या करू तेरे
लिए"...
माँ ने कहा बेटा"इस कमरे में एक
पंखा लगवा दे"!
बेटे ने कहा"इतने साल तो तुम
बिना पंखे के रही अब जब ????...मरने
वाली हो तो ???...
पंखा लगाने के लिए क्यों कह
रही हो"!
माँ ने कहा"बेटा मैंने तो किसी तरह
गुजारा कर लिया लेकिन ??????...
जब ?????..तेरा बेटा तुझे इस कमरे में
भेजेगा तो ?????...
तू बिना पंखे के रह नही पायेगा"!!!!!!.
'बुन्देली धमाका!'(गर्जना स्वाभिमान और आत्मबल की!) BUNDELI DHAMAKA...' समूचे बुंदेलखंड को एक मुखर मंच प्रदान करने का अभिनव प्रयास है 'बुन्देली धमाका' !हर चीज जिसका सम्बन्ध सुख-दुःख से हो अथवा भ्रष्टाचार-शिष्टाचार से हो या विकास-पतन से हो- यह ब्लॉग- महाराजा छत्रसाल की तलवार की भांति अपने उद्देश्य को पूरा करेगा!बुन्देली रिश्तों और उसकी सोच को नई परिभाषाओं मे बदलने का प्रयास करेगा यह मंच!पर्यटन और उसका आर्थिक प्रगति में योगदान सहित राजनीति तथा कूट नीति के असर पे भी हम बात करेंगे!!
Wednesday, June 4, 2014
माँ की ममता!
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment