Saturday, June 14, 2014

Reality is bitter then the Truth!

"वो मरने के बाद बनाते है माँ -बाप की याद में मंदिर और धर्मशाला ;
जिन्दा रहते जिन्होंने कभी -
माँ-बाप के पैर न दबाये थे,
मिठास से पूछा न था!
सर पे हाथ तक न फेरा था! "

वाह रे श्रवण कुमारो!
वाह रे ठेकेदारों!

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