बुंदेली धमाका! (bundelidhamaka.blogspot.com)
करोड़ों नहीं... अरबों रूपए के ग्रेनाईट पत्थर का उत्खनन और निर्यात लवकुशनगर अनुविभाग के अंतर्गत प्रतिवर्ष होता है!
पहाड़ों से पत्थर निकाल कर पत्थर के सौदागर कर रहे है जबरदस्त खिलवाड़ छत्तरपुर जिले के प्राकृतिक सम्पदाओ, जीव प्रौद्यिगिकी एवं वानस्पतिक संतुलन के साथ!
हम छतरपुरिया; व्यस्त हैं -रेत की अवैध ट्रेक्टर ट्राली पकड़वाने में या रेत के कारोबारी बन कुछ कमाने में..
और
वहीँ ग्रेनाइट पत्थर को खुलेआम बीस बीस चक्का ट्रकों में भर कर कल के "आम आदमी" आज के "बड़े सौदागर" बन गए!
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वहीँ ग्रेनाइट पत्थर को खुलेआम बीस बीस चक्का ट्रकों में भर कर कल के "आम आदमी" आज के "बड़े सौदागर" बन गए!
हम गरीब बेरोजगार छत्तरपुरिया इसी बात पर खुश हैं की -हमारी कटहरा में नौकरी लग गई!
हम कब जागेंगे की -तीस टन पास सड़क पर सत्तर टन का ग्रेनाइट से "लोडेड" ठेला बिना किसी रुकावट के कैसे निकल जाता है?
जब NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने रेत के दोहन पर बुंदेलखंड में रोक लगाई है -की इससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है तो फिर ग्रेनाइट पहाड़ों से निकालने पर -क्या पर्यावरण सुधर रहा है?
हम नदी से बालू निकालें तो धरती का नुक्सान और वे पहाड़ों से पत्थर निकालें तो धरती का फायदा?
याद करो दोस्तों! अंग्रेजों ने हमें नौकरियां दीं पर हमारा कोहिनूर लन्दन ले गए... वैसे ही.. हमारा ग्रेनाइट पत्थर बाहर ले जाया जा रहा है!
जरूरत है.. जागने की और जगाने की!
छतरपुर जिले में -ग्रेनाइट और क्रेशर संचालन में -प्रतिवर्ष कितना बारूद पहाड़ों को काटने और तोड़ने में उपयोग किया जाता है?
छतरपुर जिले में -ग्रेनाइट और क्रेशर संचालन में -प्रतिवर्ष कितना बारूद पहाड़ों को काटने और तोड़ने में उपयोग किया जाता है?
बारूद का प्रकार?
बारूद के लाइसेंस का प्रकार?
साइट पर बारूद रखने के सुरक्षा इंतज़ाम?
बारूद के लाइसेंस का प्रकार?
साइट पर बारूद रखने के सुरक्षा इंतज़ाम?
क्या पहाड़ों को काटने में और चट्टानों को उड़ाने में -डाइनामाइट, जिलेटिन जैसे विस्फोटकों का उपयोग किया जाता है?
कोन है इन विस्फोटकों का थोक विक्रेता?
कैसे पहुँचता है यह विस्फोटक -पत्थर खदानों पर?
किस वाहन से, कितनी सुरक्षा से और राह पे पड़ने वाले थानों को क्या सूचित किया जाता है?
कैसे पहुँचता है यह विस्फोटक -पत्थर खदानों पर?
किस वाहन से, कितनी सुरक्षा से और राह पे पड़ने वाले थानों को क्या सूचित किया जाता है?
यह विस्फोटक लवकुशनगर अनुविभाग में कहाँ से लाये जाते हैं और कहीं खजुराहो जैसे संवेदनशील विश्व धरोहर मार्ग से अथवा एयरपोर्ट मार्ग से अथवा विदेशियों के भ्रमण के दौरान तो नहीं लाये जाते?
मध्य प्रदेश के झाबुआ में हुई दुर्घटना से जागना होगा छतरपुर को! क्यूंकि माइनिंग से अछूता नहीं है हमारा छतरपुर!
दुर्घटना से सुरक्षा बड़ी!
दुर्घटना से सुरक्षा बड़ी!
बहुत हो चूका शोषण!
चलो अब कोर्ट चलते हैं और माननीय न्यायालय से गुहार लगाते हैं की...
रेत की तरह ग्रेनाइट ढुलाई पर भी रोक लगे!
चलो अब कोर्ट चलते हैं और माननीय न्यायालय से गुहार लगाते हैं की...
रेत की तरह ग्रेनाइट ढुलाई पर भी रोक लगे!


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