Sunday, November 8, 2015

नन्द जीते... और चाणक्य हारा!

बिहार!
मुझे नहीं मालुम -
तुम जीते या हारे!

मन कहता है -
"वर्तमान" जीता और "भविष्य" पराजित हुआ!

"लालू" जीते परन्तु "लक्ष्य" पराजित हुए...

"नीतीश" जीते परन्तु "नियति" पराजित हुई...

नन्द वंश जीता और बिचारा चाणक्य...
इक बार फिर...
मौर्यों का साथ देकर
पराजित हुआ!

"एक बार जंगल के दस बारह सियारो ने झुंड बनाकर शिकार करने की योजना बनाई ओर शेर का शिकार कर लिया लेकिन इसका मतलव यह नही कि शेर को शेर कहना छोड दिया जाये! "

बिहार की जय हो!

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