गुलज़ार साहिब;
शुभ जन्मदिन! (Belated!)
हालाँकि कद नहीं की -
आपको शुभकामनाएं दूँ...
लेकिन...
क्या करूँ...
दिल का मामला है!
"आने वाली दस पीढ़ियां...
गुनगुनाती रहेंगी....
आपकी नज़्मों को..
शेरो को.. ग़ज़लों को..
जब भी...
चोट लगेगी दिल या अंतर्मन पर..
जावेद साहब!
सलाम आपके
कलाम को...
लिखने के फितूर को..
देखने की नज़र को और
प्यार को परखने की समझ को! "
No comments:
Post a Comment