आज की सुबह ..
कुछ बदली बदली सी है !
क्या १५ अगस्त है ?
या २६ जनवरी ?
चाहे जो कुछ हो ..
लेकिन मेरी फितरत ..
और रंगत ..
कुछ बदली बदली सी है !
कुछ बदली बदली सी है !क्या १५ अगस्त है ?
या २६ जनवरी ?
चाहे जो कुछ हो ..
लेकिन मेरी फितरत ..
और रंगत ..
कुछ बदली बदली सी है !
बहुत दिनों बाद ...
स्वाभिमान ..
सर चढ़ कर बोल रहा है !
देशप्रेम ;आज गदगद है !
और
पंछियों के पंखों की भी फड़फड़ाहट ....
कुछ कुछ ...
"वन्दे मातरम !"
सी धुन निकाल रही है !
स्वाभिमान ..
सर चढ़ कर बोल रहा है !
देशप्रेम ;आज गदगद है !
और
पंछियों के पंखों की भी फड़फड़ाहट ....
कुछ कुछ ...
"वन्दे मातरम !"
सी धुन निकाल रही है !
आज "उरी" की ..
नव विधवाओं के ...
सूखे नंगे बिना चूड़ियों के हाथों ने ...
सुबह का खाना ...
जल्दी बना लिया है !
नव विधवाओं के ...
सूखे नंगे बिना चूड़ियों के हाथों ने ...
सुबह का खाना ...
जल्दी बना लिया है !
पितरों के अंतिम दिन ..
विदा ले रहे पूर्वजों से ...
"दिया और बाती" जलाये ...
ये सूनी मांगें ...
रुंधे गले से कह रही हैं की -
"हमने बदला ले लिया है ;
और आपकी शहादत ..
बेकार नहीं जाने पाई !"
विदा ले रहे पूर्वजों से ...
"दिया और बाती" जलाये ...
ये सूनी मांगें ...
रुंधे गले से कह रही हैं की -
"हमने बदला ले लिया है ;
और आपकी शहादत ..
बेकार नहीं जाने पाई !"
बच्चे भी ...
सोच रहे हैं कि -
"पापा के जाने के ...
बहुत दिनों बाद ...
आज ;
माँ थोड़ा सम्भली है !"
सोच रहे हैं कि -
"पापा के जाने के ...
बहुत दिनों बाद ...
आज ;
माँ थोड़ा सम्भली है !"
सच !
आज फ़िज़ा ..
कुछ बदली बदली सी है !
तिरंगा कुछ ज्यादा ही ..
गर्वोक्तियों से अल्हादित हो ..
लहरा रहा है !
सच !
मेरा देश बदल रहा है !
आज फ़िज़ा ..
कुछ बदली बदली सी है !
तिरंगा कुछ ज्यादा ही ..
गर्वोक्तियों से अल्हादित हो ..
लहरा रहा है !
सच !
मेरा देश बदल रहा है !
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