Monday, September 26, 2016

देवानंद !तुझे जीवन की डोर से बाँध लिया है ...

प्यार की बात हो ...
आँखें मूंद कर ...
कुछ बीते लम्हें याद करूँ तो ...
सर्दियों में ...
गले में मफलर और कभी
स्कार्फ लपेटूं तो ...
हँसते हंसते ...
दर्द सहने की बात हो तो ...और
पापा के ज़माने के ..
उनके प्रिय फनकार की बात हो तो ...
सिर्फ एक अक्स ...
आँखों और दिल में बसता है ...
और वे हैं -
देव साहिब या देवानंद जी !
जिनका आज जन्म दिवस है !

क्या लिखूं क्या कहूँ ..
देवानंद के बारे में !

मुद्दतें गुज़र गईं ..
मोहबत्तें गुज़र गईं ..
मुसाफिर गुज़र गए ...
हम गुज़र गए और
बखुर्दार तुम भी ....
गुज़र गए लेकिन
ज़िंदा हैं आज भी
तुम्हारे अभिनीत नग्में ...
तुम्हारी अदाएं और
यादें !

आपके हैप्पी बर्थडे पर -
अश्रुपूरित श्रद्धान्जलि !

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