Sunday, January 15, 2017

मकर संक्र्रान्ति!

आदरणीय!
"मेरी जीवन पतंग को ...
डोर देने के लिए ;
मेरे ख़्वाबों को ...
पंख देने के लिए और
उड़ान को ...
गति देने के लिए ;
आभार ; दिल से !"
"आपको भी मकर संक्र्रान्ति शुभ हो ..
प्रखर हो ..
सात्विक और ऊर्जाशील  हो !
आभार तथा नमन ; दिल से !
[ गौरव !]

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