आज महाशिवरात्रि पर -
हम एक ऐसे शिव मन्दिर में गए ...
जहां कभी ...
प्रकृति ने बिजली गिरा दी थी !
थोड़ा मुख्य धारा से हट कर ...
थोड़े सहमे से भगवन ...
थोड़ा संकोची संकोची सा माहौल था !
क्योंकि ..अब ...
बिजली गिर जाने से ...
खण्डित से थे ...
देवों के देव ;महादेव !
हमने मोबाइल से शिव चालीसा सुनी और उपासना की !
सच ..
मेरे शंकर मेरे भोलेनाथ कितने अच्छे हैं !
न कोई कठिन पूजा न विधि ..
बस ...
साधारण सी पूजा ..
और आगाध श्रद्धा निधि !
बस ....मिलजाएँगे भोलेनाथ! कर लो तनिक ;यह विधि !
No comments:
Post a Comment