Friday, July 15, 2016

इस ज़िन्दगी में !

कमबख्त ....
कोई तो होता ....
जो हम पर मरता ;
इस ज़िन्दगी में !

ताउम्र ...
हम ही मरते रहे ..
इस  ज़िन्दगी में !

फिर यारो !
मरता कौन है ...
और जीता कौन है ;
मोहब्बत भरी ..
इस ज़िन्दगी में ??

मरना ...
इक बहाना है ....
इस ज़िन्दगी में !
काश कोई समझता
इस ज़िन्दगी में !!"

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