Sunday, July 31, 2016

ख्वाहिशें!

बिन थके बेधड़क हर रोज़ चली आती हैं..
ख्वाहिशें इतवार को भी..
आराम नहीं करतीं..!!
बीत गए वो पल जब कोई इतवार की रात कहता था -"बेटा अब सो जाओ कल सुबह जल्दी स्कूल जाना है !"

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