उम्मीदों के दामन में सैकड़ों सितारे हैं !
उन सितारों के बीच एक आधा चाँद भी है !
जो पूरी रात ...
जागता रहता है ...
मेरी ख्वाइशों के माफ़िक़ कि ...
अमावस ख़तम होगी तो ...
पूरनमासी भी आएगी और
दूधिया आकाश में ..
मुस्कराता चाँद ..
मुझे भी ..
मुस्कराने का न्योता देगा !
लेकिन ....
ज़िन्दगी में पूर्णमासियों की ..
बाट जोहते जोहते ....
कितनी अमावस्याएं ...
निकाल दीं और ..
अब तो जीवन की ..
अमावस्या की बेला भी ..
दस्तक देने लगीं हैं ...
लेकिन ..
अभी तक ...
कोई मेरे मुस्कराने का ...
न्योता लेकर नहीं आया !"
"खंडहर की वीरानियों में
कुछ दिए हैं ...
टूटे हुए से ;
उन्हीं को ...
पूर्णमासी का चाँद समझ ...
काम चलाओ ;दोस्त ...
बहुत उदास है ;
रात !!
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