इश्किया अंदाज़ में की थी ...
हम दोनों ने मोहब्बत ;
और कुछ लोग उसे इबादत समझ बैठे??
हम दोनों ने मोहब्बत ;
और कुछ लोग उसे इबादत समझ बैठे??
न फना होने की गुंजाइश इधर थी और
न उधर !
कुछ बातें इधर थीं ...
जो मन में रहीं ...तो
कुछ बातें उधर थीं ...
जो तन में रहीं !
न उधर !
कुछ बातें इधर थीं ...
जो मन में रहीं ...तो
कुछ बातें उधर थीं ...
जो तन में रहीं !
बस यूँ ही ...
"चहलक़दमियों का इश्क़ था
तफ़रियों में खत्म हुआ !"
"चहलक़दमियों का इश्क़ था
तफ़रियों में खत्म हुआ !"
अब तुम सोचते थे कि -
हम लैला-मजनूँ बन ..
तुमसे दरख्वास्त करेंगे ..
तो गलतफहमीं थी ;
तुम्हारी !
हम लैला-मजनूँ बन ..
तुमसे दरख्वास्त करेंगे ..
तो गलतफहमीं थी ;
तुम्हारी !
हम इश्क़ में ...
पाने का नहीं ...
खोने का हुनर रखते हैं !
पाने का नहीं ...
खोने का हुनर रखते हैं !
अरे ज़िन्दगी है ;
ऐसे कई धक्के लगते रहते हैं ...
लेकिन ..
यकीनन हम नहीं रुकते हैं !
ऐसे कई धक्के लगते रहते हैं ...
लेकिन ..
यकीनन हम नहीं रुकते हैं !
अरे ..
हमारी मोहब्बत ...
जरा हट के थी !
हमारी मोहब्बत ...
जरा हट के थी !
बस यूँ समझ लो ..
चार क़दमों का साथ था ..
पांचवें क़दम पर ..
वो अपनी मन्ज़िल ...
अपने नए सफर पर ...
अपने नए हमसफ़र के
पहलू में ...
और मैं ;
तन्हां-अकेला-वीरान-ठूंठ वटवृक्ष ...
आने वाले प्रेम पथिकों को रास्ता बताने के लिए !
चार क़दमों का साथ था ..
पांचवें क़दम पर ..
वो अपनी मन्ज़िल ...
अपने नए सफर पर ...
अपने नए हमसफ़र के
पहलू में ...
और मैं ;
तन्हां-अकेला-वीरान-ठूंठ वटवृक्ष ...
आने वाले प्रेम पथिकों को रास्ता बताने के लिए !
बस यूँ ही ..समझ लो ..
"चहलक़दमियों का इश्क़ था
तफ़रियों में खत्म हुआ !!"
"चहलक़दमियों का इश्क़ था
तफ़रियों में खत्म हुआ !!"
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