Sunday, March 5, 2017

इस होली ...

झुक कर ..
लगवा लेना ..
रंग गुलाल और अबीर ..
इस होली ;
उनसे !
अब क्या गिला ...
और क्या शिकवा करूँ ...
मैं तुमसे !

मैं जला दूंगा अपनी यादें ;
इस होली ...
अपने मन से !
और तुम भी धो लेना ...
अपने किये वादे ...
इस होली ...
अपने तन से !!

No comments:

Post a Comment