Monday, March 14, 2016

विरोध -मोदी का अथवा भारत का!

मोदी का विरोध जरूरी है पर उसे नीचे दिखाने के लिए देश को... उसकी अस्मिता को और उसके सम्मान को बलि का बकरा न बनाया जाए!
फिर जो आरोप लगा रहे हैं वे खुद इतने कीचड़ में सने हैं.... की उनकी मोदी को ऊँगली दिखाना उचित नहीं जान पड़ता!
"आज आशाराम बापू प्रवचन दें तो बात पचती नहीं है!
हमाम में नंगे अब क्या शुभ-शुभ ब्यान करेंगे....
वैसे ही देश से पहले ही सत्ता के साठ साल वसूल चुके अब किस मूह से कितने साल और मांगेगे???
शादी करें और घर बसाएं और परिवार को आगे बढ़ाएं....
वरना २०५० में फिर एक छोटा पप्पू बड़े बुजुर्ग मोदी से लड़ेगा और हंसी का पात्र बनेगा!

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