मोदी का विरोध जरूरी है पर उसे नीचे दिखाने के लिए देश को... उसकी अस्मिता को और उसके सम्मान को बलि का बकरा न बनाया जाए!
फिर जो आरोप लगा रहे हैं वे खुद इतने कीचड़ में सने हैं.... की उनकी मोदी को ऊँगली दिखाना उचित नहीं जान पड़ता!
"आज आशाराम बापू प्रवचन दें तो बात पचती नहीं है!
हमाम में नंगे अब क्या शुभ-शुभ ब्यान करेंगे....
वैसे ही देश से पहले ही सत्ता के साठ साल वसूल चुके अब किस मूह से कितने साल और मांगेगे???
शादी करें और घर बसाएं और परिवार को आगे बढ़ाएं....
वरना २०५० में फिर एक छोटा पप्पू बड़े बुजुर्ग मोदी से लड़ेगा और हंसी का पात्र बनेगा!
'बुन्देली धमाका!'(गर्जना स्वाभिमान और आत्मबल की!) BUNDELI DHAMAKA...' समूचे बुंदेलखंड को एक मुखर मंच प्रदान करने का अभिनव प्रयास है 'बुन्देली धमाका' !हर चीज जिसका सम्बन्ध सुख-दुःख से हो अथवा भ्रष्टाचार-शिष्टाचार से हो या विकास-पतन से हो- यह ब्लॉग- महाराजा छत्रसाल की तलवार की भांति अपने उद्देश्य को पूरा करेगा!बुन्देली रिश्तों और उसकी सोच को नई परिभाषाओं मे बदलने का प्रयास करेगा यह मंच!पर्यटन और उसका आर्थिक प्रगति में योगदान सहित राजनीति तथा कूट नीति के असर पे भी हम बात करेंगे!!
Monday, March 14, 2016
विरोध -मोदी का अथवा भारत का!
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