Tuesday, March 22, 2016

इस होली!

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इस होली-
सम्बन्धों को...
अनुबन्धों को...
परिभाषाएँ देनी होंगी!

होठों के संग...
नयनों को भी कुछ...
भाषाएँ देनी होंगी!

सूनी सूनी सी..
खलिश खलिश सी....
तपन भरी बुज़दिली में...
भारत माता को-
"भारत माता की जय!"
की....
आशाएं देनी होगी!

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