ढूंढना अपने अंदर ..
आज भी ...
तुम्हारे भीतर ...
छुपा हुआ हूँ ;
मैं ...
इस जन्म का ..
कटु और बिसरा हुआ .....
अनुभव बन !
जब जब -
सच और झूंठ ...
कस्मे वादे ...
प्यार वफ़ा ..और ...
शिद्दत से ...
चाहतों की बातें होंगी ...
या टकराएंगी तुझसे ..
किसी भी रूप में ...
तुम्हें मैं ..
याद आऊंगा और ..
तुम्हारे हर फैसले के पीछे ..
मेरा साया होगा ..
एक अनुभव बन!
तुम अपने हर फैसले में ...
और फलसफे की नींव में ....
मुझे और मेरी कहानी को ...
शामिल पाओगी ...
हमेशा हमेशा !
जब भी तुम्हारा बेटा या बेटी .....
बड़ी हो रही होगी ..
और ..
थोड़ी थोड़ी ..
परेशान होगी ..
तुझे मैं जरूर ...
याद आऊंगा !
देखना तुम अपने घर में ..
सबसे पहले ..
अपने "बेटे-बेटी" के दर्द में ..
खुद को शामिल पाओगी .. और
उनकी परेशानियों में ...
मुझे तलाशोगी ...
मरहम भी लगाओगी....
क्योंकि -
अक्सर उस उम्र में ...
जिस उम्र में -"आज या कल" तुम्हारे बच्चे होंगे ..
ऐसी परेशानियों की निज़ात ...
सिर्फ तुम्हारे ही बस की ...
बात होती थी !
जानती हो न ..
तुम तो -"बायो" की स्टूडेंट थी ...
प्यार के "अंकुर" भी ...
माँ बाप से औलादों को ...
ट्रांसफर होते हैं ..
डीएनए बन !
और ...
यही कुछ बातें होतीं हैं ...
जब हम ...
अपने बुढापे में कहते हैं कि ...
इस लड़के/लड़की ने तो ...
हद ही कर दी ..
बहुत समझाया ...
समझते ही नहीं !
पता नहीं ...
उस लड़के में क्या है ???
अरे भाई ...
"रिवर्स" का बटन दबाओ और ..
थोड़ी अपनी हरकतों ...
या अदाओं पर ...
भी नज़रें मार लो ..
तुम भी कुछ कुछ
ऐसी ही थीं ...
और तुम पर भी
कुछ ऐसी ही गुज़री थी
जैसा आक्रोश ..
आज इन बच्चों में है ..
उससे ज्यादा आक्रोश ...
और पागलपन ..
"तुममें" या "हम दोनों" में था
"पचीस से तीस" बरस पहले !
इस लिए ...
कोशिश करो की ..
"हमदोनों" की ...
पुनरावृत्ति न हो और ..
इन बच्चों की नांव ...
जिस दिशा में भी जाए ....
उस दिशा में ....
उन्हीं को खुद खेने दो और ....और
फैसले करने दो ....
खुद की ज़िन्दगी के !
बस इतना करना कि -
"वासना और प्रेम" में अंतर ..
"प्रेम और समर्पण" में अंतर ..
"क्षणिक" "क्षणभंगुर' और "सात जन्मों" के ...
प्रेमपाश का अर्थ ....
जरूर समझा देना उन्हें ..
जिससे कभी ...
मुश्किल की घडी में ...
वे ये न सोंचें कि -
"मम्मी या पापा" ने ...
ये बात तो बताई ही नहीं थी और अब क्या करें ?
प्यार में भी होंसला चाहिए वर्ना
ज़िन्दगी सिमटते देर नहीं लगती !
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