दिलवालों का शहर -दिल्ली !
आज हो गया है ..
बेतकुल्लफी का शहर -दिल्ली !
अकेलेपन से जूझता .....
शहर दिल्ली !
और
गुमनाम शहर दिल्ली !
कभी कभी दिख जाता है -
मोबाइल सेल्फी में ....
खुद की मुस्कुराहटों को .....
तलाशता ...
शहर दिल्ली !
लेकिन ..
मोबाइल कैमरा ...
ऑफ होने के बाद ...
निहायत बिलकुल मायूस ,
अकेला शहर -दिल्ली !
परेशान दिल्ली ..
हैरान बाशिंदे ...और
दर दर भटकते ..
उसके परिंदे !
न इंसानों को ...
दिलवालों के दिलों में ...
जगह और
न परिंदों को ...
दीवारों में पनाह !
सब अकेले ...
सब तन्हा और गुमसुम !
भटकते रहते -दिनभर ...
बस झांकते ...
अपने ख्वाब और नयी ख़ुशबुएं ..
एक अनजानी दौड़ के पीछे !
हैरान बदज़ुबान दिल्ली !
नकली दिल्ली !l
लिपस्टिक और डिओ से लदी दिल्ली !
चुन्नी फेंक दिल्ली !
जीन्स टॉप की दिल्ली !
बियर बार ढूंढती दिल्ली और
हरकिसी पे शक करती ..
बेज़ुबान दिल्ली !
नमकीन दिल्ली और
नाज़नीन दिल्ली !
आह ये कैसी गमगीन दिल्ली !
["लेखक -भारत के एक छोटे से गाँव के वाशिंदे हैं अतः सोच और मानसिकता का मतैव्य .....हो सकता है! "]
No comments:
Post a Comment