कल तक -जो ....
साथ साथ सोते थे ..
साथ साथ चलते !
साथ साथ हंसते थे ...
और मिलकर रोते !
समय के पहिये ने ....
रफ्तार क्या पकड़ी ...
तरक्की की ;
कि अब अपने ही ....
मोबाइल पर कहने लगे हैं -फोन रखें !
अच्छा हुआ जो ...
गुज़रे ज़माने में ...
ये मोबाइल तो नहीं थे !
कम से कम ....
उनका दिल तो ..
नहीं टूटा....
ये सुन कर कि -
"फोन रखें" !
"देश काल और ज़िन्दगी में सफलता असफलता के बीच संस्कारों सभ्यताओं और सुविचारों का सामंजस्य बनता और बिगड़ता रहता है !"
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