इस दीपावली ...
उम्मीदें कायम रहें ...
ज़िन्दगी में रोशिनी की !
आस्था कायम रहें ...
ईश्वर के अस्तित्व की !
लगन बनी रहे ;परिश्रम से..... सफ़लता पाने की !
विश्वास ;कमज़ोर न होने पाए ...
सत्य की विजय का !
श्रद्धा बनीं रहे :माँ पिता के ... स्नेह और संस्कार की !
और ....
दृढ़ प्रतिज्ञ रहें :हमारा स्वाभिमान ...
देश के प्रति सम्मान का !
आओ प्रदीप्त करें-
"एक दिया" ...
आशा और निष्ठा का ...
और बुझा दें ...
सारा तमस और अँधियारा जो घेरे है ....
हमें चारों और से....
हमारे अंतर्मन को ...
कलुषित करता !
आओ पुनः स्पंदित करें ..
उन स्वप्नों को ..
जो समय के फेर में ..
काल की गति से ..
हार गए !
अभी चुके नहीं हैं ; हम !
अभी बुझे नहीं हैं ; हम !
साबित करेंगे ...
अपना वज़ूद और प्रकाश
दैदीप्यमान हो कर ..
सारे नक्षत्र और ..
आकाश में !
"मैं ;
"दिया" हूँ !
अंधेरों के आगे ..
घटाटोप अँधेरी रात में ..
जब सूरज भी ..
सोने चला जाता है तब -
मैं अकेला ही ;
जागता रहता हूँ और ..
लोहा लेता हूँ ..
उस अँधेरे से जिसे ...
गलतफहमीं होती है कि -
वह रोशनीं से ...
जीत जाएगा !"
इस दीपावली -
जीवन लक्ष्यों को पुनः संकल्पित करने की ..
अरदास सहित -
शुभकामनाएं अग्रेषित हैं !
"रोशन हों -
आपकी दहलीज पर ...
खुशियों का संसार और
फुलझड़ियाँ बिखरा दें ...
चारों और ...
वैभव सम्पन्नता और प्यार !"
आपके सदैव -
[गौरव-वन्दना ;
आशीष -अर्चना ;
सब्यसांची ,अर्णव एवम यश्वी ]
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