Saturday, October 8, 2016

बेटियां सच में :एक पिता की सांस होतीं हैं !

                                                                      
और कुछ ऐसे ही ...
मेरे जैसे ही ...
मन में अनायास ...
घबराहटें होती है ..
जब बेटियां ..
थोड़ी बड़ी होती हैं !

पिता के चेहरे ..
बदलते देर नहीं लगती....
बड़ी बड़ी शख्शियतें ...
बदहवास होती हैं ;
जब बेटियां ...
थोड़ी बड़ी होती हैं !

छोटी सी उमर में ...
जब गले से चिपकती है ...
बेटियां तो ;
भविष्य के -
बिछड़ने के दर्द की आवाज़ ..
अनायास होती है !

सच !
बेटियां बड़ी होती हैं ...
तो घबराहटें ...
खरपतवार सी होती हैं ..
अनगिनित कयास होते हैं  ..
जिम्मेवारी ...
बेहिसाब होती है ...
क्यों की
एक पिता की बेटी ...
उसकी ...
श्नवास होती है !

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