दीपावली पर -
कल ...
उनके पास ...
दिए रौशन करने गया ...
जिन्होनें हमें ..
रौशन किया !
बताया उनको कि -
अब वे ...
बहुओं और ..
पोते पोतियों वाले ...
हो गए हैं !
उनसे कहा कि -
"आपके आशिर्वाद से ..
हमारी ज़िन्दगी ..
रौशन है ...
और हमारी ...
रोज़ दिवाली है !
बस ......
कहीं अंतर्मन व्यथित है !
आपकी और माँ की ..
जगह खाली है !
उस "दिवाली" के -
रचियता से ...
एक ही "सवाली" है ?
इतनीं जल्दी क्यों ...
हमारे वटवृक्ष पर
अपनी कुल्हाड़ी चाली है ???
दिन महीने बरस ...
सब दशकों में बदल गए !
बिछोह का दर्द भी ..
पत्थर बन गए !
हम सम्भल और संवर गए !
लेकिन ..
बिन आपके ..
बहुत कुछ "ख्याली" है !
बच्चों की खातिर -
ऊपर से हंसता और ..
हंसाता हूँ ..लेकिन
अकेले में ;
बिन आपके ..
सचमुच नीरस दिवाली है !
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